सिजोफ्रेनिया कैसे ठीक होता है?HealthPlanet

Posted on Fri 2nd Dec 2022 : 10:09

सिजोफ्रेनिया का इलाज

अगर शुरुआत में ही इस रोग की पहचान और उसे कंट्रोल किया जाए तो सिजोफ्रेनिया का उपचार काम आ सकता है। दवाओं के साथ सामाजिक और सामुदायिक सपोर्ट उपचार में प्रभावी साबित होता है। मरीजों को अस्पताल या फिर मानसिक स्वास्थ्य संस्थानों में भेजने से इस रोग को बढ़ने से रोकने में मदद मिल सकती है। परिवार के सदस्यों का सपोर्ट भी रोग को बढ़ने से रोकने में बहुत उपयोगी साबित होता है।

सिजोफ्रेनिया के लिए दी जाने वाली दवा आमतौर पर बुरे सपने, भ्रम, सनक और भ्रमित सोच जैसे मनोविकार के लक्षणों को कम करने में मदद करती है। सिजोफ्रेनिया के लिए फार्माकोथेरेपी को विकसित हुए वर्षों बीत चुके हैं और सिजोफ्रेनिया के उपचार के लिए बेहद प्रभावी दवाइयां उपलब्ध हैं। यह दवाइयां मनोचिकित्सा के साथ-साथ प्रेरणा की कमी, अभिव्यक्ति की कमी और सामाजिक जुड़ाव में कमी जैसे लक्षणों का इलाज करने के लिए भी उपयोगी साबित होती है।

ये थेरेपी तनाव को कंट्रोल कर और कम्युनिकेशन को बेहतर बनाने के साथ-साथ जीवन कौशल को बेहतर बनाने में भी मददगार साबित होती है। कभी-कभी ग्रुप थेरेपी समान लक्षण वाले समूह को आपस में जोड़कर भी मदद करती है।

जीवनशैली में इन बदलावों को कर सिजोफ्रेनिया से उबरने में मिलती है मदद

सामाजिक सपोर्ट भी है बहुत जरूरी

रोगी को शांत करने और तनाव को कम करने के लिए उसे मित्रों और परिवार के साथ जुड़ने के लिए तरीके सुझाएं। अपने दैनिक कार्यों को जारी रखते हुए दूसरों के साथ जुड़े रहना भी लाभदायक सिद्ध होता है। सामान्य दिखने वाले लोगों के साथ समय बिताने से भी फायदा मिलता है। सिजोफ्रेनिया से पीड़ित लोग जुड़े रहने से अपने बारे में अच्छा महसूस करते हैं।

तनाव को प्रबंधित करना सीखें

शरीर के कोर्टिसोल हार्मोन के उत्पादन को बढ़ाकर सिजोफ्रेनिया के कारण होने वाले तनाव को कम करने में मदद मिलती है। तनाव कम करने के लिए रिलैक्सेशन प्रैक्टिस भी काफी मददगार साबित होती है।

एक्सरसाइज करें

एक्सरसाइज, फोकस और ऊर्जा को बढ़ाने और रोगियों को शांत महसूस करने में मदद करती है। चलने, दौड़ने, तैरने, या डांस करने जैसी गतिविधियां मात्र दिन में 30 मिनट करने से लक्षणों को कम करने में मदद मिलती है।

उचित नींद लें

नियमित नींद चक्र मूड को फ्रेश बनाए रखने में मदद करता है। रोगी को आठ घंटे से अधिक की नींद की सलाह दी जाती है।

नशे के सेवन से बचें

ड्रग्स, निकोटीन और अल्कोहल सिजोफ्रेनिया के लक्षणों को बढ़ाने में मदद कर सकती है। इतना ही नहीं ये कुछ दवाओं के उपचार के रास्ते में भी बाधा पैदा करती हैं।

हेल्दी खाने की आदत बनाएं

फिश ऑयल, अखरोट और फ्लैक्ससीड्स से मिलने वाला ओमेगा -3 फैटी एसिड आपके ध्यान को बेहतर बनाने, थकान से बचने और मूड को संतुलित करने में मदद कर सकते हैं। सही अंतराल पर भोजन और पौष्टिक खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल कर शरीर में पर्याप्त पोषण बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

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